संपादकीय नीति (Editorial Policy)
संपादकीय मानक एवं सिद्धांत
AalhaUdal.com पर प्रकाशित प्रत्येक सामग्री में ऐतिहासिक संवेदनशीलता, भाषाई शुद्धता और निष्पक्षता का ध्यान रखा जाता है। हमारी संपादकीय नीति निम्नलिखित मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है:
1. स्रोत प्रकटीकरण एवं संदर्भ (Attribution & Sources)
हम प्रकाशित कहानियों, प्रसंगों, पुस्तकों और शोध आलेखों के मूल स्रोतों को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जहां सामग्री किसी विशिष्ट ग्रंथ (जैसे आल्हा-खंड या परमाल रासो) पर आधारित है, वहां यथासंभव रचयिता, संपादक अथवा प्रकाशन का उल्लेख किया जाता है।
2. लोक परंपरा और इतिहास का संतुलन
आल्हा-ऊदल की 52 लड़ाइयों का वृत्तांत मुख्य रूप से चारण-परंपरा और मौखिक आख्यानों से जुड़ा है। हमारी नीति लोक-श्रद्धा का सम्मान करते हुए भी इतिहास और लोकगाथा (Folklore vs Historical Fact) के अंतर को रेखांकित करने की है। किसी भी विवादित प्रसंग में दोनों पक्षों या प्रचलित विभिन्न मतों का उल्लेख किया जाता है।
3. देवनागरी वर्तनी एवं पाठ शुद्धता
बुंदेली लोकभाषा, अवधी प्रभाव और मानक हिंदी की पदावली को यथासंभव सुरक्षित रखते हुए स्पष्ट देवनागरी यूनीकोड में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि मूल छंदों और दोहों का लालित्य नष्ट न हो।
4. त्रुटि सुधार नीति (Correction Policy)
हम मानवीय त्रुटियों की संभावना को स्वीकार करते हैं। यदि किसी पाठक, इतिहासकार अथवा शोधार्थी को किसी तिथि, संदर्भ, नाम अथवा उद्धरण में कोई तथ्यात्मक त्रुटि दिखाई दे, तो वे प्रमाण सहित हमारे संपर्क पृष्ठ के माध्यम से सूचित कर सकते हैं। संपादकीय समीक्षा के उपरांत यथाशीघ्र आवश्यक संशोधन किए जाते हैं।
5. व्यावसायिक तटस्थता
हमारा संपादकीय निर्णय किसी व्यावसायिक विज्ञापन या प्रायोजक के प्रभाव से पूर्णतः मुक्त रहता है। सांस्कृतिक प्रामाणिकता ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसी भी प्रश्न, सुझाव या संशोधन हेतु हमारे संपर्क पृष्ठ पर संदेश भेजें।
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