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|चंदेल शासक परमर्दिदेव (परमल) का इतिहास

महोबा इतिहास प्रसारण: 13 September 2026
स्रोत / सौजन्य: https://www.youtube.com/@aalhaudalstory

विवरण एवं ऐतिहासिक संदर्भ (About Video)

चंदेल वंश की स्थापना: वीडियो की शुरुआत महाराज चंद्रवर्मा द्वारा अपने बाहुबल से चंदेल राज्य की स्थापना और दिग्विजय के उपरांत महायज्ञ करने से होती है। उन्होंने महोत्सव (महोबा) नगर बसाया और कलिंजर के सुवर्ण दुर्ग का निर्माण कराया।

उत्तराधिकारी शासक: चंद्रवर्मा के बाद वीरवर्मा, वज्रवर्मा, सूर्यवर्मा, मदनवर्मा (जिन्होंने मदन ताल बनवाया) और कीर्तिवर्मा (जिन्होंने कीर्ति सागर बनवाया) जैसे शासकों ने राज्य का विस्तार किया।

परमर्दिदेव (परमल) का राज्याभिषेक: कीर्तिवर्मा के बाद उनके पुत्र परमर्दिदेव (परमल) लगभग 1165 ईस्वी में राजसिंहासन पर बैठे। वे एक शूरवीर और बलिष्ठ योद्धा थे, जिन्होंने अपने बाहुबल से खोए हुए क्षेत्रों पर पुनः नियंत्रण स्थापित किया।

महोबा का प्रसंग और विवाह: महोबा के शासक मालवन की अत्यंत रूपवती कन्या मल्हना के साथ परमर्दिदेव का विवाह हुआ। रानी मल्हना की इच्छा का मान रखते हुए उन्होंने महोबा को अपनी राजधानी बनाया।
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